जवना के मतलब बा कि जब ल्यूकोसाइट्स सामान्य से कम होखे .

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ल्यूकोपेनिया : जब ल्यूकोसाइट्स सामान्य से कम होखे

एच2. ल्यूकोपेनिया के मतलब का बा?

ल्यूकोपेनिया एक ऐसी स्थिति बा जवना में आपके शरीर में ल्यूकोसाइट्स के संख्या, जवन कि आपके शरीर के रोग प्रतिरोधक तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होखे, सामान्य से कम हो जाला। ल्यूकोसाइट्स, जवन कि सफेद रक्त कोशिका के रूप में भी जानल जाला, संक्रमण से लड़ने में मदद करेला आ आपके शरीर के स्वस्थ रखेला में महत्वपूर्ण भूमिका निभवेला। ल्यूकोपेनिया होखे पर, आपके शरीर के संक्रमण से लड़ने की क्षमता कम हो जाला, जवन कि गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकत बा।

एच2. ल्यूकोपेनिया के लक्षण का बा?

ल्यूकोपेनिया के लक्षण अक्सर हल्का होला आ ओके आसानी से पहिचान ना कइल जा सकत बा। हालाँकि, कुछ लक्षण जवन कि ल्यूकोपेनिया के संकेत हो सकत बा, में शामिल बा:

— बार-बार संक्रमण होखल
— संक्रमण से ठीक होखे में ज्यादा समय लगल
— बुखार
— ठंड लगल
— थकान
— कमजोरी
— वजन कम होखल
— मुँह के छाले
— त्वचा के संक्रमण
— निमोनिया
— सेप्सिस

एच2. ल्यूकोपेनिया के कारण का बा?

ल्यूकोपेनिया के कई कारण हो सकत बा, में से कुछ शामिल बा:

— कैंसर
— कीमोथेरपी
— रेडिएशन थेरेपी
— कुछ दवाएं, जैसे कि कुछ एंटीबायोटिक्स, एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं आ कुछ एंटीसाइकोटिक दवाएं
— ऑटोइम्यून रोग, जैसे कि ल्यूपस आ रुमेटीइड गठिया
— वायरल संक्रमण, जैसे कि इन्फ्लूएंजा आ एचआईवी
— बैक्टीरियल संक्रमण, जैसे कि तपेदिक आ साल्मोनेला
— परजीवी संक्रमण, जैसे कि मलेरिया आ टोक्सोप्लाज्मोसिस
— पोषण संबंधी कमियां, जैसे कि विटामिन बी12 आ फोलिक एसिड की कमी

एच2. ल्यूकोपेनिया के निदान कैसे होत बा?

ल्यूकोपेनिया के निदान के लिए, आपका डॉक्टर आपसे आपके लक्षणों के बारे में पूछेगा आ एक शारीरिक परीक्षण करेगा। ओह आपसे रक्त परीक्षण करवावे के के लिए भी कह सकत बा, जवन कि आपके ल्यूकोसाइट्स के संख्या आ अन्य रक्त कोशिकाओं के संख्या के मापेला।

एच2. ल्यूकोपेनिया के इलाज कैसे होत बा?

ल्यूकोपेनिया के इलाज आपके अंतर्निहित कारण पर निर्भर करेला। कुछ मामलों में, इलाज आवश्यक ना भी हो सकत बा, आ ल्यूकोपेनिया अपने आप ठीक हो जा सकत बा। अन्य मामलों में, इलाज में शामिल हो सकत बा:

— संक्रमण के इलाज के लिए एंटीबायोटिक्स, एंटीवायरल दवाएं या एंटीफंगल दवाएं
— कैंसर के इलाज के लिए कीमोथेरपी, रेडिएशन थेरेपी या सर्जरी
— ऑटोइम्यून रोग के इलाज के लिए स्टेरॉयड या अन्य दवाएं
— पोषण संबंधी कमियों को ठीक करे के लिए पोषक तत्वों की खुराक

एच3. ल्यूकोपेनिया के जटिलताएं का बा?

ल्यूकोपेनिया के जटिलताएं आपके अंतर्निहित कारण आ आपके ल्यूकोपेनिया के गंभीरता पर निर्भर करेला। कुछ संभावित जटिलताओं में शामिल बा:

— गंभीर संक्रमण
— सेप्सिस
— मृत्यु

एच3. ल्यूकोपेनिया के रोकथाम कैसे होत बा?

ल्यूकोपेनिया के रोकथाम के लिए कोई विशिष्ट तरीका ना बा, हालाँकि, कुछ चीजें जवन कि आपके ल्यूकोपेनिया के जोखिम के कम करे सकत बा, में शामिल बा:

— संक्रमण से बचाव के लिए अच्छी स्वच्छता का पालन करना
— स्वस्थ आहार खाना
— नियमित रूप से व्यायाम करना
— पर्याप्त नींद लेना
— तनाव के प्रबंधन करना
— डॉक्टर द्वारा बताए गए निर्देशों के अनुसार दवाएं लेना

एच3. ल्यूकोपेनिया के बारे में अक्सर पूछल जाए वाला सवाल

1. ल्यूकोपेनिया कितना आम बा?

ल्यूकोपेनिया एक अपेक्षाकृत दुर्लभ स्थिति बा, हालाँकि, ओह कुछ स्थितियों, जैसे कि कैंसर आ एचआईवी, में अधिक आम बा।

2. ल्यूकोपेनिया के लिए कौन अधिक जोखिम में बा?

ल्यूकोपेनिया के लिए जोखिम कारकों में शामिल बा:

— कैंसर
— कीमोथेरपी
— रेडिएशन थेरेपी
— कुछ दवाएं, जैसे कि कुछ एंटीबायोटिक्स, एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं आ कुछ एंटीसाइकोटिक दवाएं
— ऑटोइम्यून रोग, जैसे कि ल्यूपस आ रुमेटीइड गठिया
— वायरल संक्रमण, जैसे कि इन्फ्लूएंजा आ एचआईवी
— बैक्टीरियल संक्रमण, जैसे कि तपेदिक आ साल्मोनेला
— परजीवी संक्रमण, जैसे कि मलेरिया आ टोक्सोप्लाज्मोसिस
— पोषण संबंधी कमियां, जैसे कि विटामिन बी12 आ फोलिक एसिड की कमी

3. ल्यूकोपेनिया के लक्षण क्या बा?

ल्यूकोपेनिया के लक्षण अक्सर हल्का होला आ ओके आसानी से पहिचान ना कइल जा सकत बा। हालाँकि, कुछ लक्षण जवन कि ल्यूकोपेनिया के संकेत हो सकत बा, में शामिल बा:

— बार-बार संक्रमण होखल
— संक्रमण से ठीक होखे में ज्यादा समय लगल
— बुखार
— ठंड लगल
— थकान
— कमजोरी
— वजन कम होखल
— मुँह के छाले
— त्वचा के संक्रमण
— निमोनिया
— सेप्सिस

4. ल्यूकोपेनिया के निदान कैसे होत बा?

ल्यूकोपेनिया के निदान के लिए, आपका डॉक्टर आपसे आपके लक्षणों के बारे में पूछेगा आ एक शारीरिक परीक्षण करेगा। ओह आपसे रक्त परीक्षण करवावे के के लिए भी कह सकत बा, जवन कि आपके ल्यूकोसाइट्स के संख्या आ अन्य रक्त कोशिकाओं के संख्या के मापेला।

5. ल्यूकोपेनिया के इलाज कैसे होत बा?

ल्यूकोपेनिया के इलाज आपके अंतर्निहित कारण पर निर्भर करेला। कुछ मामलों में, इलाज आवश्यक ना भी हो सकत बा, आ ल्यूकोपेनिया अपने आप ठीक हो जा सकत बा। अन्य मामलों में, इलाज में शामिल हो सकत बा:

— संक्रमण के इलाज के लिए एंटीबायोटिक्स, एंटीवायरल दवाएं या एंटीफंगल दवाएं
— कैंसर के इलाज के लिए कीमोथेरपी, रेडिएशन थेरेपी या सर्जरी
— ऑटोइम्यून रोग के इलाज के लिए स्टेरॉयड या अन्य दवाएं
— पोषण संबंधी कमियों को ठीक करे के लिए पोषक तत्वों की खुराक


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