पुरान संक्रमण का होला .

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# परान संक्रमण का अर्थ

परान संक्रमण, जेकरा के सेप्सिस के नाँव से भी जानल जाला, एगो जानलेवा स्थिति बा जहाँ शरीर के इम्यून सिस्टम संक्रमण के खिलाफ बहुत तेजी से प्रतिक्रिया करे लागेला। ई संक्रमण के शरीर के ऊतकों आ अंगों तक पहुँच के ओकरा के नुकसान पहुँचाए सकेला। परान संक्रमण बहुत खतरनाक हो सकेला आ एह से मौत भी हो सकेला।

परान संक्रमण के लक्षण

परान संक्रमण के लक्षण बहुत तेजी से बढ़े सकेला आ एह में शामिल बा:

* तेज बुखार
* ठंड लगना
* तेज साँस लेना
* तेज दिल की धड़कन
* त्वचा में लालिमा या सूजन
* उल्टी या दस्त
* भ्रम या बेहोशी
* पेशाब में कमी

परान संक्रमण के कारण

परान संक्रमण किसी भी प्रकार के संक्रमण से हो सकेला, लेकिन कुछ संक्रमण दूसरों की तुलना में अधिक संभावना से परान संक्रमण का कारण बन सकेला। एह में शामिल बा:

* निमोनिया
* मूत्र पथ का संक्रमण
* त्वचा का संक्रमण
* पेट का संक्रमण
* रक्त संक्रमण
* प्रसव या गर्भपात के दौरान संक्रमण

परान संक्रमण का निदान

परान संक्रमण का निदान रक्त परीक्षण, मूत्र परीक्षण या अन्य नमूनों के परीक्षण से हो सकेला। डॉक्टर संक्रमण के स्रोत का पता लगाने के लिए इमेजिंग परीक्षण भी करवा सकते बा।

परान संक्रमण का उपचार

परान संक्रमण का उपचार संक्रमण के कारण पर निर्भर करेला। उपचार में आमतौर पर एंटीबायोटिक्स, तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स शामिल होते बा। गंभीर मामलों में, रोगी को अस्पताल में भर्ती करना पड़ सकता बा आ उसे ऑक्सीजन या वेंटिलेटर की आवश्यकता हो सकती बा।

परान संक्रमण की रोकथाम

परान संक्रमण की रोकथाम के लिए निम्न कदम उठाए जा सकते बा:

* संक्रमण से बचने के लिए हाथों को बार-बार धोएँ।
* खांसी या छींक आते समय मुँह और नाक को ढँक लें।
* संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से बचें।
* टीकाकरण करवाएँ।

परान संक्रमण के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. परान संक्रमण कितना आम है?
परान संक्रमण एक दुर्लभ स्थिति है, लेकिन ई जानलेवा हो सकेला। संयुक्त राज्य अमेरिका में, प्रत्येक वर्ष लगभग 30,000 लोग परान संक्रमण से मरते बा।

2. परान संक्रमण का इलाज क्या है?
परान संक्रमण का इलाज संक्रमण के कारण पर निर्भर करेला। उपचार में आमतौर पर एंटीबायोटिक्स, तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स शामिल होते बा। गंभीर मामलों में, रोगी को अस्पताल में भर्ती करना पड़ सकता बा आ उसे ऑक्सीजन या वेंटिलेटर की आवश्यकता हो सकती बा।

3. परान संक्रमण की रोकथाम कैसे की जा सकती है?
परान संक्रमण की रोकथाम के लिए निम्न कदम उठाए जा सकते बा:

* संक्रमण से बचने के लिए हाथों को बार-बार धोएँ।
* खांसी या छींक आते समय मुँह और नाक को ढँक लें।
* संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से बचें।
* टीकाकरण करवाएँ।

4. परान संक्रमण के लक्षण क्या बा?
परान संक्रमण के लक्षण बहुत तेजी से बढ़ सकते बा आ एह में शामिल बा:

* तेज बुखार
* ठंड लगना
* तेज साँस लेना
* तेज दिल की धड़कन
* त्वचा में लालिमा या सूजन
* उल्टी या दस्त
* भ्रम या बेहोशी
* पेशाब में कमी

5. परान संक्रमण का निदान कैसे किया जाता है?
परान संक्रमण का निदान रक्त परीक्षण, मूत्र परीक्षण या अन्य नमूनों के परीक्षण से हो सकेला। डॉक्टर संक्रमण के स्रोत का पता लगाने के लिए इमेजिंग परीक्षण भी करवा सकते बा।


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